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सुघराईन पंचायत के लोग बिहार विधानसभ’ चुनाव मे वोट नही देंगे आखिर क्या है वजह ? विधायक-सांसद का प्रवेश वर्जित

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड की सुघराईन पंचायत में आज ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के बैनर तले जोरदार अभियान चलाया। श्री भुला पासवान उर्फ पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पंचायत भर में विभिन्न स्थानों पर बैनर लगाए और विधायक अमन भूषण हजारी (जदयू) तथा सांसद शांभवी चौधरी (लोजपा-रामविलास) के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण न होने तक किसी भी नेता का पंचायत में प्रवेश वर्जित रहेगा।सुघराईन गांव के निवासियों का कहना है कि वर्षों से सड़क की बदहाली से दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

बारिश के मौसम में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीजों का इलाज और बाजार पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पवन कुमार सिंह ने बताया, “हमारी मांग सरल है- सड़क बनेगी तभी वोट पड़ेगा। जनप्रतिनिधियों ने वादे किए लेकिन अमल नहीं किया। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।” अभियान के तहत पंचायत के मुख्य चौराहों, स्कूलों और बाजारों पर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के बड़े-बड़े बैनर लगाए गए, जिनमें नेताओं के नाम भी चिन्हित हैं।ग्रामीणों ने विधानसभा क्षेत्र 78 कुशेश्वरस्थान के विधायक अमन भूषण हजारी पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों में इस क्षेत्र को हमेशा पीछे रखा जाता है।

इसी तरह समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र की सांसद शांभवी चौधरी पर भी केंद्रीय योजनाओं के लाभ न पहुंचाने का इल्जाम लगाया। नारेबाजी में महिलाएं और युवा भी शामिल हुए, जो ‘सड़क दो, वोट लो’ जैसे नारे लगा रहे थे। एक ग्रामीण ने कहा, “हमारे गांव को सड़क मिलेगी तभी लोकतंत्र मजबूत होगा। वरना वोट का बहिष्कार तय है।”यह अभियान ग्रामीण भारत में विकास की मांग को दर्शाता है, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी से लोग आक्रोशित हैं। स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो आंदोलन और तेज होगा। पंचायत स्तर पर ऐसी पहलें बढ़ रही हैं, जो आने वाले चुनावों में मुद्दों को प्रभावित कर सकती हैं।

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